उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी करने ज
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी करने जा रहा है, जिसके साथ ही प्रदेश की लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
इस बार की मतदाता सूची कई मायनों में विशेष है। वर्ष 2021 की तुलना में मतदाताओं की संख्या में 40 लाख से अधिक की वृद्धि हुई है। अनंतिम सूची में 12 करोड़ 69 लाख मतदाताओं को शामिल किया गया था। अंतिम सूची तैयार करने से पहले आयोग ने दावे-आपत्तियों का निस्तारण करने के साथ डुप्लीकेट मतदाताओं का व्यापक सत्यापन भी कराया है।
पंचायत चुनाव में पहली बार तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक मतदाता को एक विशिष्ट राज्य मतदाता संख्या दी गई है और फोटो सहित पूरा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। मोबाइल आधारित प्रणाली के जरिए दोहरी वोटिंग और फर्जी मतदान पर प्रभावी रोक लगाने की तैयारी की गई है।
चुनाव में देरी के कारण ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए विकास कार्य अब जिला अधिकारी की अनुमति से ही कराए जा सकेंगे, जबकि पहले से स्वीकृत कार्यों का संचालन पूर्व व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगा।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पंचायत चुनाव के लोकतांत्रिक महापर्व की औपचारिक शुरुआत है। इसके साथ ही गांवों की राजनीति में नई हलचल शुरू होगी और करोड़ों मतदाता स्थानीय शासन की नई तस्वीर तय करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

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