उत्तर प्रदेश की जिला पंचायतों में निर्माण कार्यों और मानचित्र स्वीकृति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पहल की तैयारी है। “उत्तर प्रदेश की जिला पंचाय
उत्तर प्रदेश की जिला पंचायतों में निर्माण कार्यों और मानचित्र स्वीकृति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पहल की तैयारी है। “उत्तर प्रदेश की जिला पंचायतों हेतु मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां-2026” के तहत जिला पंचायतों में तकनीकी पदों पर आउटसोर्सिंग से विशेषज्ञों की नियुक्ति की जा सकेगी। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण की गुणवत्ता बढ़ेगी और विकास कार्यों को तकनीकी आधार मिलेगा। साथ ही इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर क्षेत्र से जुड़े 450 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है।
इन पदों पर होगी नियुक्ति
जिला पंचायतों में वास्तुविद, सिविल इंजीनियर, स्ट्रक्चरल इंजीनियर, पर्यवेक्षक, नगर नियोजक और लैंडस्केप आर्किटेक्ट जैसे पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। इन विशेषज्ञों की मदद से भवन मानचित्रों की जांच, निर्माण कार्यों की निगरानी और क्षेत्रीय विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
तय होगी योग्यता
वास्तुविद के लिए वास्तुकला परिषद में पंजीकरण जरूरी होगा। सिविल इंजीनियर के लिए सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री, जबकि स्ट्रक्चरल इंजीनियर के लिए अनुभव सहित योग्यता तय की गई है। नगर नियोजक और लैंडस्केप आर्किटेक्ट के लिए संबंधित विषय में डिग्री और निर्धारित मानक पूरे करने होंगे।
ग्रामीण विकास को मिलेगी मजबूती
इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण पर रोक लगाने और सुरक्षित विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जिला पंचायतों को जरूरत के अनुसार तकनीकी विशेषज्ञ मिल सकेंगे। प्रस्ताव पर सुझाव और आपत्तियों के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके बाद जिला पंचायत बोर्ड की मंजूरी के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी।

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