तीसरी सरकार अभियान, पंचपरमेश्वर विद्यापीठ एवं नगर स्वराज्य फोरम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में देशभर से 49 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
तीसरी सरकार अभियान, पंचपरमेश्वर विद्यापीठ एवं नगर स्वराज्य फोरम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में देशभर से 49 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में नगर स्वराज्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक नई पहल के तहत “तीसरी सरकार अभियान” अंतर्गत “पंचपरमेश्वर विद्यापीठ” एवं “नगर स्वराज्य फोरम” के संयुक्त तत्वावधान में, “मिशन समृद्धि” के सहयोग से दो दिवसीय “नगर स्वराज्य विकास कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “स्वशासन एवं विकास: चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ” रहा।
कार्यशाला का शुभारम्भ 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस तथा समापन 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए 49 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इनमें नगर सरकार के प्रतिनिधि, नगर स्वराज्य विषय के विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता तथा तीसरी सरकार अभियान एवं नगर स्वराज्य फोरम के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के पूर्व सचिव श्री सुनील कुमार ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जनक पाण्डेय ने की। कार्यशाला का बीज वक्तव्य तीसरी सरकार अभियान के संस्थापक डॉ. चंद्रशेखर प्राण ने प्रस्तुत किया।
कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों एवं अतिथि वक्ताओं ने नगर स्वराज्य, स्थानीय स्वशासन, महिला सहभागिता, जल प्रबंधन, नगरीय विकास और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। प्रमुख वक्ताओं में श्री बसवराज पाटिल, सुश्री वर्षा विद्याविलास, डॉ. वत्सला शुक्ला, डॉ. प्रभा तिरमरे, डॉ. बी. सत्यनारायण, प्रो. गीता रानी शर्मा, श्री ज्ञानेन्द्र मिश्रा, श्री पंकज तिवारी, श्री अमन डी. वशिष्ठ, मोहम्मद तैयब, श्री महर्षि कुमार, सुश्री अनु जैन, श्री बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी एवं श्री अनिल उदय शामिल रहे।
कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार श्री अरुण तिवारी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री चन्द्रमणि मिश्र, श्री विनोद कुमार, श्री सूर्य प्रकाश श्रीवास्तव एवं सुश्री आयुषी सिंह ने भौतिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
कार्यशाला में नगर स्वराज्य को सशक्त बनाने, स्थानीय निकायों की भूमिका बढ़ाने तथा जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने नगर प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए साझा रणनीति पर भी चर्चा की।

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